Gaza is Starving. The World Cannot Remain Silent: Indian Muslim Leaders Urge Government to Act as Famine Looms। AI – Correspondent New Delhi: Leading Indian Muslim organizations, religious scholars, and civil society groups convened a press conference today at the Press Club of India and issued a joint statement expressing grave concern over the deepening…
नही रहे अमीरी रेखा खींचने वाले – लेखक रोशन लाल अग्रवाल, बड़े गौर से पढ़ रहा था ज़माना – तुम्ही सो गए दास्तान लिखते लिखते।।तुम्हारे जीतेजी खौफ में जीते रहे वे लोग। जो पूंजीवाद के सत्ता पर बैठे ऐश करते हैं। उन्हीं में से कोई तुमको कभी पागल समझता था, उन्ही में से कभी कोई…
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर विशेष पंच परिवर्तन से बदल जाएगा समाज का चेहरा-मोहरा प्रो. संजय द्विवेदी इतिहास के चक्र में किसी सांस्कृतिक संगठन के सौ साल की यात्रा साधारण नहीं होती। यह यात्रा बीज से बिरवा और अंततः उसके वटवृक्ष में बदल जाने जैसी है। ऐसे में उस संगठन के भविष्य की…
वर्तमान में जटिल समस्याओं से घिरा भारत – मनु नीतियों पर आधुनिकरण हावी – असमंजस में सरकार मोहन भागवत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख सरकार में न होते हुए भी उन्हें भारत सरकार द्वारा एडवांस्ड सिक्योरिटी लायज़न (एएसएल) की सुरक्षा प्रदान की गई है। सरकारी खज़ाने से इन पर खर्च क्यूँ? ???? आखिर सरकार आरएसएस…
नया लोकतंत्र? (संपादकीय स्थान रिक्त है) “जब कलम चुप हो जाए: लोकतंत्र का शोकगीत” आपातकाल के दौरान अख़बारों ने विरोध में अपना संपादकीय कॉलम ख़ाली छोड़ा था। आज औपचारिक सेंसरशिप नहीं है, लेकिन आत्म-सेन्सरशिप, भय और ‘राष्ट्रभक्ति’ के नाम पर विचारों का गला घोंटा जा रहा है। सवाल पूछना देशद्रोह बन गया है,…
संघर्ष से शांति तक का सफर 10 मई 2025 को, भारत और पाकिस्तान ने एक पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमति व्यक्त की, जो हाल के वर्षों में सबसे गंभीर संघर्ष के बाद हुआ। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद सैन्य तनाव बढ़ा था। अमेरिकी राष्ट्रपति की मध्यस्थता…
पाकिस्तान ने वेबसाइट thewire.in को जबरन बंद किया वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार – अनिल दुबे जन हस्तक्षेप भारत की पाकिस्तान स्थित आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के समय स्वतंत्र मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता है। इस श्रृंखला में नवीनतम है वेबसाइट thewire.in का जबरन बंद किया…
विनाश के पाँच तोप: शिक्षा से तहसील तक…. शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा, थाना और तहसील जैसे पाँच संस्थानों की विफलता गंभीर चिंता का विषय है। शिक्षा अब ज्ञान नहीं, कोचिंग और फीस का बाजार बन चुकी है। स्वास्थ्य सेवाएँ निजीकरण की भेंट चढ़ चुकी हैं, जहाँ इलाज से ज्यादा पैकेज बिकते हैं। चिकित्सा व्यवस्था मुनाफाखोरी का…
“ The danger is greater, The desire of post Retirement Job Influences pre retirement judgements “ Adv – Sikandar Hayat The aforesaid statement of late Mr Arun jetli if quoted in the context of present Interim order / judgment delivered by the Honble CJI in the Context of Waqf Act does’t apply here, Rather it…
डॉ. सत्यवान सौरभ की यह दोहा-श्रृंखला अत्यंत सशक्त, संवेदनशील और समाज को झकझोरने वाली है। आपने सौरभ हत्याकांड के माध्यम से पुरुष-व्यथा, न्याय की असमानता और समाज की निष्क्रियता पर गहरी चोट की है। आपकी यह रचना सिर्फ एक काव्य नहीं, बल्कि एक आंदोलन की पुकार है। इसे मंचीय प्रस्तुति, लेखन मंचों, अखबारों और सोशल…
