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BSPS भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वार फूहड़ पत्रकारित और ज़मीनी स्तर पर ईमानदारी से काम करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा और पेंशन पर मंथन।
ज़मीनी स्तर पर कार्यरत समाज सेवियों और समाज को बेहतर दिशा देने वाले शिक्षकों को सम्मान।
एस. ज़ेड. मलिक
नई दिल्ली – पिछले दिनों प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता दिवस के अवसर पर भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ (बीएसपीएस)BSPS के दिल्ली प्रदेश की ओर से मो. नासीर खान द्वारा सम्मान समारोह एवं विचार मंथन समारो का आयोजन किया गया। इस समारोह कार्यक्रम की अध्यक्षता (बीएसपीएस)BSPS के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह ने किया।
इस अवसर जहां एक ओर समाज को समर्पित समाज देश के प्रगति के लिये ग्रासरूट पर काम करने वाले पत्रकारों, समाज सेवियों, और शिक्षकों को भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ (बीएसपीएस)BSPS की ओर से मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित मिज़ोरम के वर्तमान राज्यपाल पूर्व केंद्रीय मंत्री जेनरल बी. के. सिंह के द्वारा मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र दे कर सम्मानित किया।
वहीं इस अवसर पर “पश्चिम एशिया संघर्ष का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विज़न पर प्रभाव और मीडिया की भूमिका” एवं ज़मीनी स्तर पर पर पत्रकारिता करने वाले ईमानदार और मेहनतकश पत्रकारों का समाज मे अपमान, मारपीट, झूठे मुकदमें में फंसा कर जेल भेजने, उनकी हत्या, और उनके समस्याओं को सरकार द्वारा अनदेखी कर पत्रकारों को मान्यता न देना तथा ज़मीनी स्तर पर ईमानदारी से कार्यरत सभी पत्रकारों जैसे फ्रीलांस, और सरकार द्वारा जो पत्रकार मान्यता प्राप्त नहीं हैं, उनको भी पेंशन लागू करने और जो बेघर हैं उनके लिए कम से कम 35 ग़ज़ का आवास की सुविधा देने की सरकार से मांग, जैसे गम्भीर विषय वस्तु पर गहन विचार मंथन किया गया।
इस अवसर पर मंच की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार एवं सिंधी मैगज़ीन के सम्पादक श्री भाटिया ने कार्यक्रम की व्याख्या एवं परिचय तथा पत्रकार समाज की समस्याओं से मुख्य अतिथियों और सभा को अवगत कराया।
इस अवसर पर, मुख्य अतिथि गवर्नर मिज़ोरम जेनरल बी. के. सिंह ने – पत्रकारों की समस्याओं को स्वीकारते हुए और उनकी ज़मीनी स्तर पर मेहनत को सराहते हुए “वर्तमान में “पश्चिम एशिया संघर्ष का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विज़न पर प्रभाव और मीडिया की भूमिका” गम्भीर होते हुये कहा, यदि खाड़ी देशों में नियमित लड़ाई चलती रही तो हमारे लिए समस्या बढ़ जाएगी इसलिये की हमारे देश मे तेल की कमी है, यह समस्य हमारे देश के लिए गम्भीर है।
उन्होंने कहा “क्रूड ऑयल की रिफाइनरी हमारे देश मे है, मेडलिस्ट में नहीं है, इसलिये रिफाइनरी के लिए मेडलिस्ट और अरब देशों को हमारे साथ समझौता करना अर्निवार्य है। उन्होंने आगे कहा “हम हाइड्रोजन पर शोध कर रहे हैं, यदि हम हाइड्रोजन को इस्तेमाल करने में कामयाब हो जाते हैं, तो हम क्रूड ऑयल, कच्चे तेल पर निर्भरता लगभग समाप्त हो जाएगी, इसके लिए फिर भारत किसी भी खाड़ी देशों पर आश्रित नहीं रहेगा। भारत जब हाइड्रोजन से ईंधन और बिजली पैदा करने लगेगा तो, फिर खाड़ी देशों पर निर्भरता समाप्त हो जायेगी लेकिन अभी उसमे समय लगेगा।
भारत मे मीडिया की भूमिका पर बहुत ही गम्भीर होते हुए कहा, आज भारत की बड़ी मीडिया झूठ परोसने में अधिक विश्वास रखती है, उन्होंने एक चैनल की मिसाल देते हुये कहा ” एक मीडिया कर्मी हमारे अच्छे मित्र हैं जिनका नाम अर्नब है उन्होंने मुझे पाकिस्तान समझौते मुद्दे पर काफी प्रचारित किया। उन्होंने कहा आज की मीडिया कॉरपोरेट है वह न सच्चाई की खोज करती है ना सच्चाई बताना चाहती है, मीडिया आज किसी बड़े राजनीतिक घराने की बड़ाई और कॉरपोरेट घराने का प्रचार करना यही आज की बड़ी मीडिया यही एपना दायत्व समझती है।
वहीं आपमंत्रित विशिष्ट अतिथि लेखक निर्देशक टिप्पणीकार, व्यंगकार, सम्पादक राजशेखर व्यास पूर्व महानिदेशक दूरदर्शन, ने मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कहा, बड़ी मीडिया घराना आज कॉरपोरेट बन चुका हैं, वह किसी एक मजबूत पक्ष से सौदा कर के अपने भृमक वाणी से समाज मे कड़वाहट पैदा करना यह उनका व्यापार है जो बड़े ईमानदारी से करते हैं। उन्होंने जमीनीस्तर पर कार्यरत पत्रकारों की मेहनत को सराहते हुए कहा, आज सच्ची पत्रकारिता करने वालों को न सम्मान है और न उनके लिए किसी बड़े अखबारों में कोई जगह, हम के उनके लिये अफसोस करके रह जाते है, और उनके साथी उन्हें पागल कह कर उनसे दूरियां बना लेते हैं। आज सच्चे पत्रकारों को सराहना सम्मान, और उन्हें सहयोग की आवश्यकता है, सरकार कम से कम ज़मीनी स्तर के पत्रकारों को सम्मान सुरक्षा, और पेंशन दे कर सहयोग करे ताकि सच्ची पत्रकारिता जीवित रहे और पत्रकारों को हौंसला मिले, और समाज मे जागरूकता फैले।
एवं विशेष अतिथि भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. विजय कुमार खैरा ने अपने विचार प्रस्तूत कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
सभा की अध्यक्षता कर रहे (बीएसपीएस) BSPS के अध्यक्ष संजय सिंह ने अपने पत्रकार संस्था के क्रियाकलापों की व्याख्या करते हुए कहा कि जहां भारतीय समाज मे शिक्षा, बेरोजगारी को ले काफी उथल-पुथल देखने को मिल रहा है, वहीं भारत की मीडिया एक नाज़ुक दौर गुज़र रही है, वहीं ज़मीनी स्तर की शोधिक एवं खोजी तथा सत्य पर आधारित पत्रकारिता अपने मूल-भूत मंत्रों से भटक कर अंधी गलियारे में दम तोड़ती दिखाई दे रही है जिसे जीवित रखने के लिए हमारी संस्था गम्भीरतापूर्ण प्रयासरत है।
हमारी संस्था, ज़मीनी स्तर पर कार्यरत पत्रकारों के मूल-भूत सुविधाओं के लिए साकार से लगाता मांग करते आ रही है, और आगे करते रहेगी, यदि ज़रूरत पड़ी तो धरना प्रदर्शन और आंदोलन भी करेंगे। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुख्य अतिथि मिज़ोरम के गवर्नर जनरल बी. के. सिंह से निवेदन किया कि हमारे ज़मीनी स्तर पर कार्यरत पत्रकारों की समस्याओं की गम्भीरता को समझते हुए भारत सरकार से समाधान करायें, तथा आप जिस राज्य में सरकार चला रहे हैं वहां के पत्रकारों को आप उन्हें मूल-भूत सुविधा प्रदान करें।
इस अवसर पर वहां उपस्थित सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले सम्मानीय वरिष्ठ बुद्धिजीवी वर्ग शिक्षक, मीडिया एंकर, के साथ साथ द्वारका की वरिष्ठ समाज सेविका निधि गुप्ता, को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर (बीएसपीएस) BSPS के महा-सचिव, वरिष्ठ पत्रकार जितेंद्र पांडे, महेंद्र शर्मा – कोषाध्यक्ष, राष्ट्रीय-भानुप्रताप सिंह, युवा सम्पादक सतेंद्र सिंह राष्ट्रीय सचिव, अध्यक्ष महिला विंग-बीएसपीएस, ने भी अपने विचार रखे और चार-चौबंद कार्यक्रम की व्यावस्था कर के कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया।
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