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JNU में एल्युमनी एसोसिएशन ऑफ़ जेएनयू की इत्तिहासिक जीत – हाँथ बढ़ाते ही चिराग़ रौशन !

डॉ. दर्शनी प्रिये ने पहली बार चुनाव में कदम रखा - और निर्विरोध जीत हासिल किया - किस्मत या व्यवहार? ताज्जुब तो होगा ही?
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JNU के इत्तिहास में (AAJ) की ऐतिहासिक जीत

एआईएनजी/ JNU संवादाता

नयी दिल्ली, 14 जून  – “एक सकारात्मक सोच ही किसी विश्वविद्यालय और राष्ट्र को आगे लेकर जाती हैं। ” पिछले दिनों जवाहलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के एल्युमनी एसोसिएशन ऑफ़ जेएनयू (AAJ) की नयी कार्यकारिणी के लिए हुए चुनाव के दौरान जे एन यू के वर्तमान और पूर्व विद्यार्थियों, प्राध्यापकों आदि से हुई बातचीत में उभरकर सामने आई। बातचीत के दौरान एल्युमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष डी पी वाजपेयी ने कहा:
“यह निर्णायक जनादेश सुधार, पारदर्शिता और पूरी तरह से एकजुट जेएनयू समुदाय के पक्ष में एक ऐतिहासिक वोट है। हमारी सबसे पहली प्राथमिकता परिसर (कैंपस) में एक स्थायी सचिवालय बनाकर अपने पूर्व छात्रों के लिए एक जीवंत और भौतिक रूप से सुलभ घर तैयार करना है। हम जेएनयू के विद्यार्थियों की तात्कालिक जरूरतों (जैसे हॉस्टलों के तत्काल नवीनीकरण और लाइब्रेरी के विस्तार) में अपने 80,000 से अधिक सदस्यों के मजबूत वैश्विक नेटवर्क के विशाल संसाधनों को सीधे जोड़कर अपने गौरवशाली अतीत को एक उज्ज्वल भविष्य के साथ जोड़ेंगे। मुकदमों का दौर अब पीछे छूट चुका है। आज से हम रचनात्मक संस्थागत विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं।”

सार्वजनिक विचारकों के वैश्विक नेटवर्क का नेतृत्व
नया नेतृत्व एक ऐतिहासिक मोड़ पर ‘आज’ (AAJ) की कमान संभाल रहा है। यह एसोसिएशन दुनिया भर में फैले 80,000 से अधिक पूर्व छात्रों के एक बेहद शक्तिशाली नेटवर्क का प्रतिनिधित्व करता है। सार्वजनिक विचारकों के रूप में व्यापक पहचान रखने वाले इस संगठन के सदस्यों में नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी, वैश्विक प्रधान मंत्री और दो प्रमुख केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों के साथ-साथ दुनिया भर के थिंक टैंक, शिक्षा जगत, पत्रकारिता और सिविल ब्यूरोक्रेसी के हजारों शीर्ष नेतृत्वकर्ता शामिल हैं।

पिछले महीने ‘आज’ (AAJ) के बैंकिंग चैनलों की पूर्ण बहाली और सभी पुराने अदालती मुकदमों के निपटारे के बाद कार्यभार संभालने वाले ‘विश्व’ पैनल ने अपने आगामी कार्यकाल के लिए आधुनिकीकरण और कैंपस कल्याण पर केंद्रित अपनी मुख्य प्राथमिकताएं तय की हैं:
स्थायी सचिवालय: जेएनयू परिसर में एक पूरी तरह से सुसज्जित, स्थायी भौतिक कार्यालय स्थापित करना।
सत्यापित सदस्यता: सभी पूर्व छात्रों को मानकीकृत और सत्यापित पहचान पत्र (आईडी कार्ड) जारी करना।
वैश्विक जुड़ाव: एक निश्चित त्रैमासिक कार्यक्रम कैलेंडर के माध्यम से क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पूर्व छात्र अध्यायों (चैप्टर्स) को सक्रिय करना।
कैंपस बुनियादी ढांचा: छात्रों की महत्वपूर्ण जरूरतों, जैसे कि हॉस्टल नवीनीकरण, लाइब्रेरी विस्तार और प्रत्यक्ष कल्याण कोष (वेलफेयर फंड) के लिए पूर्व छात्रों के वित्तीय सहयोग को सीधे तौर पर जोड़ना।
नवनिर्वाचित कार्यकारी समिति ने इस संगठन को आगे बढ़ाने के लिए एक स्पष्ट और एकजुट जनादेश देने के लिए दुनिया भर में फैले अपने सभी पूर्व छात्रों का आभार व्यक्त किया जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के एलुम्नाई एसोसिएशन (AAJ) की स्वतंत्र चुनाव समिति (जिसमें प्रो. मीता नारायण, डॉ. शिखर रंजन और डॉ. सुनील अग्रवाल शामिल हैं) ने 2026-2028 के द्विवार्षिक कार्यकाल के लिए कार्यकारी समिति के चुनाव परिणामों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। कल संपन्न हुई वैश्विक ऑनलाइन मतदान प्रक्रिया के बाद, ‘विश्व’ (ViSHVa) पैनल ने चारों शीर्ष नेतृत्व पदों पर निर्णायक जीत हासिल की। इसके साथ ही पैनल के सात कार्यकारी सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं।
एकेडमिक उत्कृष्टता और पेशेवर नेतृत्व के अनूठे मेल के साथ ‘आज’ (AAJ) की कमान संभालने वाले नवनिर्वाचित शीर्ष अधिकारी इस प्रकार हैं:
अध्यक्ष: डी.पी. वाजपेयी (प्रसिद्ध शिक्षाविद्, सामाजिक उद्यमी और डीआईएएस इंडिया ग्रुप के निदेशक)।
उपाध्यक्ष: हिमांशु शेखर (प्रतिष्ठित पेशेवर और मीडिया जगत की जानी-मानी हस्ती)।

महासचिव: डॉ. संदेशा रायपा (जेएनयू की प्रसिद्ध शिक्षाविद्)।
कोषाध्यक्ष: डॉ. एन. विजय कुमार (दिल्ली विश्वविद्यालय के सम्मानित शिक्षाविद्)। इसके अतिरिक्त सात अन्य पदों पर निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुये। जिसमें संयुक्त सचिव पद पर लेखक,पत्रकार डॉ दर्शनीप्रिया एवम् डॉ हरीश चन्द्र, डॉ मेदिनी प्रसाद राय, डॉ राजीव कुमार, डॉ अजय कुमार , इरफ़ान अहमद तथा शीतांशु धर द्विवेदी आदि कार्य कारिणी सदस्य हेतु निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए ।
तत्काल संस्थागत सुधारों का जनादेश: सार्वजनिक विचारकों के वैश्विक नेटवर्क का नेतृत्व नया नेतृत्व एक ऐतिहासिक मोड़ पर ‘आज’ (AAJ) की कमान संभाल रहा है।

यह एसोसिएशन दुनिया भर में फैले 80,000 से अधिक पूर्व छात्रों के एक बेहद शक्तिशाली नेटवर्क का प्रतिनिधित्व करता है। सार्वजनिक विचारकों के रूप में व्यापक पहचान रखने वाले इस संगठन के सदस्यों में नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी, वैश्विक प्रधान मंत्री और दो प्रमुख केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों के साथ-साथ दुनिया भर के थिंक टैंक, शिक्षा जगत, पत्रकारिता और सिविल ब्यूरोक्रेसी के हजारों शीर्ष नेतृत्वकर्ता शामिल हैं।

पिछले महीने ‘आज’ (AAJ) के बैंकिंग चैनलों की पूर्ण बहाली और सभी पुराने अदालती मुकदमों के निपटारे के बाद कार्यभार संभालने वाले ‘विश्व’ पैनल ने अपने आगामी कार्यकाल के लिए आधुनिकीकरण और कैंपस कल्याण पर केंद्रित अपनी मुख्य प्राथमिकताएं तय की हैं, स्थायी सचिवालय: जेएनयू परिसर में एक पूरी तरह से सुसज्जित, स्थायी भौतिक कार्यालय स्थापित करना।

सत्यापित सदस्यता: सभी पूर्व छात्रों को मानकीकृत और सत्यापित पहचान पत्र (आईडी कार्ड) जारी करना।
वैश्विक जुड़ाव: एक निश्चित त्रैमासिक कार्यक्रम कैलेंडर के माध्यम से क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पूर्व छात्र अध्यायों (चैप्टर्स) को सक्रिय करना।

कैंपस बुनियादी ढांचा: छात्रों की महत्वपूर्ण जरूरतों, जैसे कि हॉस्टल नवीनीकरण, लाइब्रेरी विस्तार और प्रत्यक्ष कल्याण कोष (वेलफेयर फंड) के लिए पूर्व छात्रों के वित्तीय सहयोग को सीधे तौर पर जोड़ना।

नवनिर्वाचित कार्यकारी समिति ने इस संगठन को आगे बढ़ाने के लिए एक स्पष्ट और एकजुट जनादेश देने के लिए दुनिया भर में फैले अपने सभी पूर्व छात्रों का आभार व्यक्त किया है।

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