Header advertisement

डॉ. धर्मशीला गुप्ता – महिला की सशक्त आवाज़ और मिथिला सभ्यता और सांस्कृति विरासत को संरक्षित करने वाली पहली महिला सांसद!

राजनीति और नीति-निर्माण में महिलाओं की अधिक भागीदारी से देश के विकास को नई दिशा मिलेगी - महिलाओं को ग्रामीण समाज और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम करने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है - सांसद डॉ. धर्मशीला गुप्ता
सम्बन्धित खबरों के लिए इसमे दिये गये लिंक पर क्लिक करें।http://www.mpnn.in

राज्यसभा में बिहार की सशक्त आवाज़ – डॉ धर्मशीला गुप्ता

 

एआईएनजी//अमित (स्वतंत्र पत्रकार)

नई दिल्ली – बिहार से राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित भाजपा नेता डॉ. धर्मशीला गुप्ता ने अपने संसदीय कार्यकाल के शुरुआती दौर में ही महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक न्याय, Bihar के विकास और जनकल्याणकारी मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्ष 2024 में पहली बार राज्यसभा पहुँचीं डॉ. गुप्ता लंबे समय से सामाजिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र में सक्रिय रही हैं और भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी हैं। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाली डॉ धर्मशीला गुप्ता का राजनीतिक सफर भी एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में ही शुरू हुआ। शिक्षिका और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने महिलाओं, ग्रामीण समाज और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम किया। यही अनुभव आज उनके संसदीय हस्तक्षेपों में भी दिखाई देता है। राज्यसभा में अपने वक्तव्यों के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, विशेषकर महिला सशक्तिकरण, सामाजिक-कल्याण, कौशल विकास और आत्मनिर्भर भारत से जुड़े कार्यक्रमों का समर्थन किया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पक्ष में उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति और नीति-निर्माण में महिलाओं की अधिक भागीदारी से देश के विकास को नई दिशा मिलेगी।

संसद में दिए गए अपने भाषणों में डॉ. गुप्ता ने अपने संसदीय कार्यकाल में बिहार, मिथिला, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं। उनके प्रश्नों और भाषणों का विश्लेषण करने पर कुछ प्रमुख विषय सामने आते हैं। जैसे- बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर प्रश्न किया तथा बिहार में अधिक आयुर्वेदिक अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की माँग की,बिहार में केंद्रीय विश्वविद्यालय खोलने का मुद्दा उठाया,दरभंगा के लिए नई रेल सेवाएँ तथा आधारभूत ढाँचे के विकास की माँग की।

मिथिला क्षेत्र से आने वाली सांसद होने के नाते उन्होंने क्षेत्रीय संस्कृति के संरक्षण को विशेष महत्व दिया। मिथिला पेंटिंग और लोककलाओं के संरक्षण पर प्रश्न पूछा। मैथिली भाषा और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के प्रयासों का समर्थन किया तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के विकास की आवश्यकता पर बल दिया।

उनके संसदीय हस्तक्षेपों में महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का विषय प्रमुख रहा है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने का मुद्दा उठाया। प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के लाभार्थियों की स्थिति पर प्रश्न किया तथा महिला भागीदारी और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के विस्तार का समर्थन किया।

कृषि क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी उनकी सक्रियता रही। किसानों को तकनीक हस्तांतरण की व्यवस्था,फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन,मखाना उद्योग को प्रोत्साहन,कोल्ड स्टोरेज के लिए ऋण सहायता, बाढ़ और सूखे से प्रभावित किसानों को राहत पहुँचाने से संबंधित मुद्दों को संसद के पटल पर रखने का काम किया।

राज्यसभा में अपने भाषणों के दौरान उन्होंने केंद्रीय बजट 2026-27 का समर्थन करते हुए इसे “विकसित भारत” की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। ग्रामीण विकास मंत्रालय के कार्यों पर चर्चा में ग्रामीण बुनियादी ढाँचे और महिलाओं की भागीदारी पर जोर दिया। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के कार्यों पर चर्चा में स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास का समर्थन किया।

हम पाते हैं कि डॉ. धर्मशीला गुप्ता द्वारा राज्यसभा में पूछे गए प्रश्नों का केंद्र सदैव आम जनमानस के सरोकार रहे हैं। उन्होंने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास, शैक्षिक संस्थानों की स्थिति, युवाओं के लिए रोजगार अवसर तथा सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विषयों पर सरकार से जवाब माँगा। उनके प्रश्नों में बिहार के विकास और क्षेत्रीय आवश्यकताओं की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। दरभंगा और मिथिला क्षेत्र से आने वाली डॉ. गुप्ता ने क्षेत्रीय समस्याओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने का प्रयास किया है। स्थानीय स्तर पर शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और महिला स्वावलंबन से जुड़े मुद्दों को उन्होंने लगातार उठाया है। यही कारण है कि उन्हें बिहार में महिला नेतृत्व के उभरते चेहरों में गिना जा रहा है ।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा में डॉ. धर्मशीला गुप्ता की सक्रियता उन्हें बिहार की प्रभावशाली महिला नेताओं की श्रेणी में स्थापित कर रही है।आने वाले वर्षों में उनके संसदीय योगदान पर राजनीतिक और सामाजिक दोनों क्षेत्रों की निगाहें बनी रहेंगी।

सम्बन्धित खबरों के लिए इसमे दिये गये लिंक पर क्लिक करें। http://www.ainaindianews.com

No Comments:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

sidebar advertisement

National News

Politics