सम्बन्धित समाचार के लिए इसमे दिय्ये गये लिंक पर क्लिक करें।http://www.mpnn.in एस. ज़ेड. मलिक जबकि – एक गहन शोध से पता चलता है कि एक महिला संसार की परम्परागत पहली जन्मजात शिक्षिका होती है। बेटी के रूप में जन्म लेती है, बहन बनती है फिर बहु बनती है फिर अंत मे माँ बनती है। परन्तु […]
धर्म का स्वरूप: सेवा या स्वार्थ? डॉ प्रियंका सौरभ भारत को सदियों से धर्म, आस्था और आध्यात्म की भूमि माना जाता रहा है। यहाँ धर्म केवल पूजा-पाठ या कर्मकांड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जीवन के हर पक्ष को दिशा देने वाला तत्व रहा है। आस्था ने व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में संबल दिया, उसे […]
